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2008-02-20

दर्द सी की ख्वाहिश

एक अजीब सी , दर्द सी की ख्वाहिश है ; जो जीवन की एकस्वरता को झकझोर , उसे अस्तव्यस्त करने पर आतुर है |
इस ख्वाहिश के पास औजार भी निराले हैं | कभी बीते दिनों की याद सताती है , कभी सिस्टम अनुचित लगता है |
डर लगता है की कहीं सुबह - ओ - शाम की लय मुझे अपनी असलियत से दूर न ले जाए |

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